22 जून 2026
सोमवार • शुक्ल अष्टमी • उत्तराफाल्गुनी • व्यतीपात • विष्टि
HoroscopePath पर आज और कल का पंचांग पढ़ें। यहाँ आपको तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल, अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त, निशीथ काल, भद्रा और दिन-रात चौघड़िया की जानकारी एक ही जगह मिलती है।
यह पंचांग दिल्ली आधारित वैदिक गणना पर आधारित दैनिक संदर्भ पेज है, जिससे आप पूजा, व्रत, यात्रा, शुभ कार्य और अगले दिन की योजना पहले से देख सकते हैं।
सोमवार • शुक्ल अष्टमी • उत्तराफाल्गुनी • व्यतीपात • विष्टि
मंगलवार • शुक्ल नवमी • हस्त • वरीयान • बालव
नीचे दिए गए सेक्शन पर सीधे जाएँ।
सोमवार का विस्तृत पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, सूर्योदय और सूर्यास्त सहित।
आज की तिथि: शुक्ल अष्टमी
आज का नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
आज का योग: व्यतीपात
आज का करण: विष्टि
यदि आप आज पूजा, यात्रा, खरीदारी, व्रत, दान या किसी नए कार्य की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए राहुकाल, शुभ मुहूर्त, भद्रा और चौघड़िया अवश्य देखें।
नीचे आज के राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल, अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त और निशीथ काल की जानकारी दी गई है।
नोट: यदि किसी समय के साथ (अगले दिन) दिखे, तो उसका अर्थ है कि वह समय आधी रात के बाद अगले कैलेंडर दिन में आता है, लेकिन यह उसी पंचांग-दिवस के संदर्भ में दिखाया जा सकता है।
यहाँ आज की भद्रा (विष्टि करण आधारित) की जानकारी दी गई है। यदि आपके परंपरागत उपयोग में भद्रा का विशेष महत्व है, तो किसी शुभ कार्य से पहले इस समय को ध्यान में रखें।
नीचे आज के दिन और रात के चौघड़िया दिए गए हैं। चौघड़िया का उपयोग सामान्य शुभ-अशुभ समय समझने के लिए किया जाता है।
नोट: रात चौघड़िया में (अगले दिन) का अर्थ है कि वह स्लॉट आधी रात के बाद अगले कैलेंडर दिन में जारी रहता है।
मंगलवार का विस्तृत पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, सूर्योदय और सूर्यास्त सहित।
कल की तिथि: शुक्ल नवमी
कल का नक्षत्र: हस्त
कल का योग: वरीयान
कल का करण: बालव
यदि आप कल पूजा, यात्रा, खरीदारी, व्रत, दान या किसी नए कार्य की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए राहुकाल, शुभ मुहूर्त, भद्रा और चौघड़िया अवश्य देखें।
नीचे कल के राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल, अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त और निशीथ काल की जानकारी दी गई है।
नोट: यदि किसी समय के साथ (अगले दिन) दिखे, तो उसका अर्थ है कि वह समय आधी रात के बाद अगले कैलेंडर दिन में आता है, लेकिन यह उसी पंचांग-दिवस के संदर्भ में दिखाया जा सकता है।
यहाँ कल की भद्रा (विष्टि करण आधारित) की जानकारी दी गई है। यदि अगले दिन कोई शुभ कार्य तय करना है, तो इसे पहले देखना उपयोगी हो सकता है।
नीचे कल के दिन और रात के चौघड़िया दिए गए हैं। चौघड़िया का उपयोग सामान्य शुभ-अशुभ समय समझने के लिए किया जाता है।
नोट: रात चौघड़िया में (अगले दिन) का अर्थ है कि वह स्लॉट आधी रात के बाद अगले कैलेंडर दिन में जारी रहता है।
आज का पंचांग दैनिक वैदिक कैलेंडर का संक्षिप्त और उपयोगी रूप है, जिसमें किसी दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और चौघड़िया जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ शामिल होती हैं। पंचांग का उपयोग पूजा-पाठ, व्रत, दान, यात्रा, खरीदारी, गृह प्रवेश, नए कार्य की शुरुआत और सामान्य शुभ-अशुभ समय देखने के लिए किया जाता है।
HoroscopePath पर दिया गया आज का पंचांग उन उपयोगकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है जो आज का पंचांग और कल का पंचांग दोनों एक ही पेज पर देखना चाहते हैं। इससे दिन की योजना बनाना आसान होता है और अगले दिन के लिए भी पहले से तैयारी की जा सकती है।
राहुकाल को पारंपरिक रूप से नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त समय नहीं माना जाता, जबकि अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और विजय मुहूर्त जैसे समय कुछ कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं। हालांकि अलग-अलग परंपराओं में इनका उपयोग थोड़ा भिन्न हो सकता है, फिर भी पंचांग में इन्हें अलग से देखना उपयोगी होता है।
यदि आप आज का राहुकाल, कल का राहुकाल, आज का शुभ मुहूर्त या कल का शुभ मुहूर्त देखना चाहते हैं, तो ऊपर दिए गए सेक्शन में यह जानकारी साफ रूप में उपलब्ध है।
वैदिक पंचांग में भद्रा को सामान्यतः विष्टि करण से जोड़ा जाता है। कई पारंपरिक मान्यताओं में भद्रा काल के दौरान कुछ शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है, जबकि कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं जो भद्रा में किए जा सकते हैं।
इस पेज पर आज की भद्रा और कल की भद्रा की जानकारी भी दी गई है ताकि उपयोगकर्ता एक ही जगह पर तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और भद्रा जैसी सभी प्रमुख पंचांग जानकारियाँ देख सकें।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण पंचांग के चार महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। तिथि चंद्रमा की स्थिति पर आधारित दिन की ज्योतिषीय पहचान बताती है, नक्षत्र चंद्रमा की नक्षत्र स्थिति को दर्शाता है, योग सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त प्रभाव का संकेत देता है, और करण तिथि के आधे भाग से जुड़ी पंचांग इकाई है।
धार्मिक अनुष्ठान, व्रत, दान, गृहस्थ जीवन के कार्य, यात्रा, खरीदारी और कुछ पारंपरिक शुभ कार्यों में इन चारों तत्वों का विशेष महत्व माना जाता है। इसी कारण इस पेज पर आज और कल दोनों दिनों के लिए तिथि, नक्षत्र, योग और करण अलग-अलग सेक्शन में दिखाए गए हैं।
यदि आप पंचांग के साथ राशिफल और वैदिक ज्योतिष की अन्य सामग्री भी पढ़ना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए सेक्शन उपयोगी हो सकते हैं।
HoroscopePath का यह Panchang पेज उन पाठकों के लिए तैयार किया गया है जो आज का पंचांग, कल का पंचांग, आज का राहुकाल, कल का राहुकाल, आज का शुभ मुहूर्त, कल का शुभ मुहूर्त, आज की भद्रा, कल की भद्रा और आज-कल का चौघड़िया एक ही जगह देखना चाहते हैं।
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